Category: छतरपुर

  • शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने सड़कों एवं दुकानों के बाहर का अतिक्रमण हटाने के कलेक्टर ने दिए निर्देश

    ई-रिक्शा पार्किंग, श्रमिकों के लिए स्थान चिन्हित करने एवं ट्रैफिक सिग्नल दुरुस्त करने निर्देश

    अवैध होर्डिंग-फ्लैक्स और सड़क पर डले पर जब्ती की कार्यवाही के निर्देश

    कलेक्टर मृणाल मीना की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया, डीएसपी अरविंद दांगी, ट्रैफिक प्रभारी बृहस्पति साकेत, समिति के संबंधित सदस्य एवं नगरपालिका के अधिकारी उपस्थित रहे।

    कलेक्टर ने शहर की यातायात व्यवस्था एवं सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए नगर पालिका को निर्देश दिए कि शहर की सड़कों से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही प्रभावी रूप से की जाए। दुकानों के बाहर भी अतिक्रमण न होने दिया जाए, ताकि आवागमन सुचारू बना रहे। उन्होंने शहर में आवारा पशुओं की शिफ्टिंग की कार्यवाही निरंतर जारी रखने के निर्देश दिए।

    कलेक्टर ने सड़कों पर निर्माण सामग्री अथवा अन्य मटेरियल रखे होने पर संबंधित सामग्री को जब्त करने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चौराहों एवं प्रमुख सड़कों के किनारे बिना अनुमति अनावश्यक रूप से होर्डिंग एवं फ्लैक्स नहीं लगाए जाएं। ऐसे मामलों में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

    कलेक्टर ने शहर में ई-रिक्शा की व्यवस्थित पार्किंग के लिए स्थान चिन्हित करने के निर्देश दिए। साथ ही छत्रसाल चौराहे पर खड़े होने वाले श्रमिकों के लिए भी उचित एवं व्यवस्थित स्थान चिन्हित करने को कहा, जिससे मुख्य मार्गों एवं चौराहों पर यातायात प्रभावित न हो।

    ट्रैफिक सिग्नल और डिवाइडरों को किया जाए व्यवस्थित

    कलेक्टर ने शहर के प्रमुख चौराहों पर लगे ट्रैफिक सिग्नलों को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर डिवाइडर खुले है और जिसकी वजह से यातायात बाधित होता है, वहां सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए आवश्यकतानुसार उन्हें बंद करने की कार्यवाही की जाए।

    उन्होंने शहर की मुख्य सड़कों पर जहां भी गड्ढे हैं, उन्हें प्राथमिकता से भरने के निर्देश दिए, ताकि वाहन चालकों एवं आम नागरिकों को आवागमन में परेशानी न हो और सड़क दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके।

    सनसनीखेज अपराध एवं नारकोटिक्स की भी समीक्षा

    बैठक के दौरान चिन्हित सनसनीखेज अपराधों एवं नारकोटिक्स से संबंधित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। साथ ही प्रकरणों की स्थिति की जानकारी लेते हुए आवश्यक कार्यवाही एवं प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

  • रक्षाबंधन पर मनमाना किराया वसूलना पड़ा भारी: 3 बसों पर ₹6 हजार का चालान

    RTO के निर्देश पर ट्रांसपोर्ट सब इंस्पेक्टर केके पुरोहित की कार्रवाई, चेकिंग में बसों पर कसा शिकंजा

    छतरपुर। रक्षाबंधन के त्योहार पर यात्रियों से निर्धारित किराए से अधिक वसूली की शिकायतों के बीच परिवहन विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। RTO मधु सिंह के निर्देश पर ट्रांसपोर्ट सब इंस्पेक्टर केके पुरोहित ने चेकिंग अभियान चलाकर तीन बसों पर कार्रवाई की। जांच के दौरान MP16P0424, MP16ZF4294 और UP95AT2123 नंबर की बसों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कुल 6 हजार रुपए के चालान किए गए।

    त्योहार पर मनमानी वसूली पर नजर
    परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों से निर्धारित किराए से अधिक राशि वसूलने की शिकायत मिलने पर बस ऑपरेटरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। चेकिंग के दौरान बसों के दस्तावेजों के साथ किराया व्यवस्था की भी निगरानी की जा रही है।

    परमिट निरस्तीकरण तक हो सकती है कार्रवाई
    अधिक किराया वसूली की शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित बस ऑपरेटर को नोटिस जारी किया जा सकता है। नियमों का उल्लंघन साबित होने पर परमिट निरस्तीकरण जैसी कार्रवाई भी प्रस्तावित है।

    कार्रवाई के बाद परिवहन विभाग ने संकेत दिए हैं कि रक्षाबंधन के दौरान बसों की चेकिंग लगातार जारी रहेगी। यात्रियों से अपील की गई है कि निर्धारित किराए से अधिक राशि मांगे जाने पर इसकी शिकायत परिवहन विभाग को करें।

  • कलेक्टर ने 3 माह की समस्या का 3 मिनट में किया समाधान

    कलेक्टर मृणाल मीना ने ग्राम ढोढ़न में ग्रामीणों की सुनवाई करते हुए एक आवेदन पर मात्र 3 मिनट में ही समाधान किया। आवेदक पप्पू कोंदर की छोटी पुत्री पूजा कोंदर जिनकी जन्म तिथि 14.8.2005 थी को मुआवजा स्वीकृत हो चुका था। लेकिन बड़ी बेटी आरती के दस्तावेजों में उम्र 25.5.2006 होने से मुआवजा स्वीकृत नहीं हो पा रहा था। इन कागजों की पेचेंदगी को समझकर समस्या का मौके पर ही समाधान करते हुए कलेक्टर द्वारा तत्काल मुआवजा राशि स्वीकृत करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा वैजयंती पिता गोरेलाल आदिवासी जो की परित्यक्ता होने से पिता के साथ रहती थी इनका भी मुआवजा पैकेज स्वीकृत किया गया। यह प्रक्रिया 30 व्यक्तियों का मौके पर अभिलेख देखकर वहाँ उपस्थित ग्रामवासियों से पूछताछ कर निर्णय करते हुए स्वीकृत किया गया।

  • जनसुनवाई में दिव्यांग आवेदक की समस्या पर कलेक्टर की संवेदनशील पहल

    जनसुनवाई में बेसरा को मिला ट्राइसाइकिल का सहारा

    कलेक्टर मृणाल मीणा ने जनसुनवाई उपरांत दिव्यांग आवेदक द्वारका अहिरवार को प्रदान की ट्राइसाइकिल

    जिला पंचायत सभाकक्ष में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर मृणाल मीणा ने आमजन की समस्याओं को संवेदनशीलता और गंभीरता से सुना। जनसुनवाई में ग्राम माधोपुर, चंदला निवासी 53 वर्षीय दिव्यांग आवेदक द्वारका अहिरवार अपनी समस्या लेकर पहुंचे। उनकी स्थिति को देखते हुए कलेक्टर ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए तत्काल ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराने के लिए उपसंचालक सामाजिक न्याय विभाग को निर्देश दिए।

    जनसुनवाई समाप्त होने के उपरांत कलेक्टर मृणाल मीणा ने स्वयं द्वारका अहिरवार को ट्राइसाइकिल प्रदान की। ट्राइसाइकिल मिलने पर द्वारका अहिरवार के चेहरे पर खुशी दिखाई दी। उन्होंने जिला प्रशासन की इस त्वरित पहल के लिए कलेक्टर के प्रति आभार व्यक्त किया।

  • छतरपुर के प्राचीन जनराय टोरिया मंदिर की जमीन पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

    “महंत प्रबंधक हो सकता है, मालिक नहीं
    छतरपुर। जिले के प्राचीन जनराय टोरिया मंदिर की करीब 67 एकड़ भूमि के स्वामित्व को लेकर चल रहे विवाद में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मंदिर का महंत उसकी संपत्ति का प्रबंधक हो सकता है, लेकिन केवल महंत होने के आधार पर मंदिर की जमीन पर निजी मालिकाना हक का दावा नहीं कर सकता।
    हाईकोर्ट ने वर्ष 1998 में ट्रायल कोर्ट द्वारा दिए गए उस फैसले को बरकरार रखा, जिसमें करीब 67 एकड़ भूमि को महंत की निजी संपत्ति घोषित करने की मांग को खारिज कर दिया गया था।
    महंत ने निजी स्वामित्व का किया था दावा
    मामले में अपीलकर्ता की ओर से तर्क दिया गया कि मंदिर में महंत का उत्तराधिकार गुरु-शिष्य परंपरा से होता है और महंत होने के नाते उसे मंदिर तथा उसकी संपत्ति के प्रबंधन का अधिकार प्राप्त है। राजस्व रिकॉर्ड में पूर्व में महंत का नाम दर्ज होने तथा विभिन्न राजस्व कार्यवाहियों में उसके उल्लेख को भी दावे के समर्थन में आधार बनाया गया।
    वहीं राज्य की ओर से तर्क दिया गया कि संबंधित भूमि महंत की निजी अथवा स्वयं अर्जित संपत्ति नहीं है, बल्कि सार्वजनिक मंदिर से जुड़ी संपत्ति है।
    प्रबंधन और मालिकाना हक अलग-अलग
    हाईकोर्ट ने अपने फैसले में महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रबंधन का अधिकार और स्वामित्व का अधिकार अलग-अलग होते हैं।
    कोर्ट के अनुसार, अपीलकर्ता ने मंदिर के महंत के रूप में संपत्ति के प्रबंधन के अधिकार की घोषणा की मांग नहीं की थी, बल्कि करीब 67 एकड़ भूमि को अपनी निजी संपत्ति घोषित करने की मांग की थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि महंत मंदिर के हित में प्रशासन और संपत्ति के प्रबंधन के अधिकार की मान्यता मांगता, तो स्थिति अलग हो सकती थी।
    लेकिन मंदिर की संपत्ति को महंत की निजी संपत्ति घोषित करना स्वीकार नहीं किया जा सकता।
    मंदिर की संपत्ति को निजी संपत्ति मानने से खतरा
    हाईकोर्ट ने यह भी माना कि यदि मंदिर की भूमि को निजी संपत्ति घोषित कर दिया जाए तो उसके बेचने या हस्तांतरित किए जाने की स्थिति पैदा हो सकती है। धार्मिक संस्थाओं की संपत्ति की सुरक्षा को महत्वपूर्ण बताते हुए कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के एम. सिद्दीक (राम जन्मभूमि मंदिर बनाम सुरेश दास) मामले में प्रतिपादित सिद्धांतों का भी उल्लेख किया।
    वहीं मंदिर की भूमि की नीलामी के संबंध में हाईकोर्ट ने माना कि नीलामी केवल एक वर्ष के लिए खेती करने के अधिकार तक सीमित थी। इससे भूमि के स्वामित्व का हस्तांतरण नहीं हुआ।
    हाईकोर्ट ने महंत की अपील खारिज की
    इस तरह मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर ने महंत की अपील खारिज करते हुए साफ कर दिया कि महंत मंदिर की संपत्ति का प्रबंधक हो सकता है, लेकिन सिर्फ महंत होने के आधार पर मंदिर की जमीन का निजी मालिक नहीं बन सकता।
    कोर्ट का यह फैसला जनराय टोरिया मंदिर की संपत्ति के स्वामित्व और धार्मिक संपत्तियों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा

  • कलेक्टर के निर्देशन में ओवररेट पर आबकारी विभाग की कार्रवाई

    पन्ना नाका की मदिरा दुकान पर प्रकरण दर्ज

    महेवा में MSP से कम मूल्य पर शराब विक्रय पर प्रकरण दर्ज

    कलेक्टर मृणाल मीणा के निर्देशन में मदिरा दुकानों पर निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से अधिक कीमत पर मदिरा विक्रय की शिकायतों के आधार पर आबकारी विभाग द्वारा कार्रवाई की गई। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित ओवररेट संबंधी शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए छतरपुर शहर की मदिरा दुकानों पर टेस्ट पर्चेज कराया गया। कार्रवाई के दौरान कंपोजिट मदिरा दुकान FL-04, पन्ना नाका पर मदिरा का विक्रय निर्धारित MRP से अधिक मूल्य पर किया जाना पाया गया। इस पर आबकारी विभाग द्वारा संबंधित के विरुद्ध विभागीय प्रकरण पंजीबद्ध किया गया।
    इसी क्रम में वृत्त नौगांव की मदिरा दुकानों पर भी टेस्ट पर्चेज की कार्रवाई की गई। जांच के दौरान कंपोजिट मदिरा दुकान महेवा में मदिरा का विक्रय निर्धारित MSP से कम मूल्य पर किया जाना पाया गया। इस मामले में भी आबकारी विभाग द्वारा विभागीय प्रकरण दर्ज किया गया।

    मदिरा के निर्धारित मूल्य से अधिक पर विक्रय संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है। प्राप्त शिकायतों के आधार पर भविष्य में भी टेस्ट पर्चेज एवं जांच की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

    विभाग के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक ओवररेट के 7 प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें संबंधित लाइसेंसियों पर जुर्माना भी आरोपित किया गया है। निर्धारित मूल्य से अधिक पर मदिरा विक्रय करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

  • स्तन कैंसर जागरूकता एवं स्वास्थ्य जांच शिविर गाँव मातगुवा

    आयोजक: डॉ. श्वेता गर्ग एवं सान्वी चैरिटेबल फाउंडेशन

    गाँव मातगुवा में महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आज स्तन कैंसर जागरूकता एवं नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया।

    इस शिविर में कुल 126 महिलाओं एवं किशोरियों की नि:शुल्क जांच एवं परामर्श किया गया।
    कई महिलाओं ने पहली बार अपने स्वास्थ्य से जुड़ी जांच करवाई और स्तन कैंसर से बचाव के बारे में जानकारी प्राप्त की।

    डॉ. श्वेता गर्ग ने बताया कि —
    🔹 स्तन कैंसर महिलाओं में सबसे सामान्य कैंसर है, लेकिन यदि इसे शुरुआती अवस्था में पहचान लिया जाए तो यह पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।
    🔹 हर महिला को महीने में एक बार स्वयं स्तन परीक्षण (Self Breast Examination) करना चाहिए।
    🔹 40 वर्ष की उम्र के बाद हर दो साल में मैमोग्राफी जांच कराना बहुत आवश्यक है।
    🔹 संतुलित आहार, व्यायाम, स्तनपान कराना और नशे से दूर रहना — ये सभी स्तन कैंसर के खतरे को कम करते हैं।

    शिविर के दौरान महिलाओं को जागरूकता पंपलेट्स, स्वास्थ्य परामर्श, और कैंसर से बचाव के सरल उपाय बताए गए।

    डॉ. श्वेता गर्ग ने कहा —

    “हमारा लक्ष्य है कि कोई भी महिला केवल जानकारी के अभाव में अपना जीवन न गंवाए।
    समय पर जांच करवाना ही स्तन कैंसर से सुरक्षा की सबसे बड़ी कुंजी है।”

    सान्वी चैरिटेबल फाउंडेशन की टीम ने भी महिलाओं को नियमित जांच, तंबाकू से दूरी और संतुलित जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।

    “स्वस्थ महिला, स्वस्थ परिवार — और स्वस्थ परिवार से ही बनता है स्वस्थ समाज।”

    उद्देश्य: स्तन कैंसर की रोकथाम और महिलाओं में स्वास्थ्य जागरूकता

  • ऑपरेशन मुस्कान” अभियान के तहत थाना नौगांव पुलिस ने गुम बालक को 24 घंटे के अंदर किया दस्तयाब

    वर्ष 2025 में 387 बालक बालिका किए गए दस्तयाब

    छतरपुर पुलिस द्वारा “ऑपरेशन मुस्कान” के तहत जिले के समस्त थाना क्षेत्र अंतर्गत गुम/अपहृत हुए बालक बालिकाओं एवं गुम हुए व्यक्तियों की तलाश कर दस्तयाबी की जाकर परिजनों को सुरक्षित सुपुर्द किया जा रहा है। साथ ही अन्य राज्यों एवं जिलों के व्यक्ति, बालक, बालिकाएं एवं मानसिक विक्षिप्त, घायल जो गुम होकर छतरपुर जिले में मिलते हैं, संबंधित थाना पुलिस से संपर्क कर सुरक्षित परिजनों तक पहुंचाया जा रहा है। बाजार, धार्मिक स्थल सहित अन्य स्थानों से गुम हुए सैकड़ो शिशु, बालक, बालिकाएं एवं अन्य की दस्तयाबी की गई है। दिनांक 1 जनवरी 2025 से अभी तक(पंजीकृत) गुम हुए 387 से अधिक बालक बालिकाएं दस्तयाब की गई हैं। माह अक्टूबर में 6 बालक बालिका दस्तयाब की गई हैं।

    विगत दिवस थाना नौगांव क्षेत्र अंतर्गत एक बालक के गुम होने संबंधी रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध किया गया था। बालक की तलाश नौगांव शहर आसपास के क्षेत्र में की गई।
    पुलिस टीम द्वारा बालक को दस्तयाब किया गया। परिजनों को सुरक्षित सुपुर्द किया गया, परिजनों ने प्रसन्नता के साथ पुलिस का आभार व्यक्त किया।

    उक्त कार्यवाही में एसडीओपी नौगांव श्री अमित मेश्राम के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी नौगांव निरीक्षक बाल्मीक चौबे, उप निरीक्षक जितेन्द्र सोनी, सहायक उप निरीक्षक प्रदीप मिश्रा, प्रधान आरक्षक दृगपाल सिंह, आरक्षक जितेंद्र, राजकुमार, हरदेव, आसाराम की भूमिका रही।

  • छतरपुर जुआ कांड में बड़ा एक्शनः उपयंत्री और शिक्षक को कारण बताओ नोटिस, कुख्यात जुआरी का पिस्टल लाइसेंस होगा निरस्त

    छतरपुर में 22 अक्टूबर को हुए जुआ कांड के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। इस मामले में कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने दो शासकीय कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वहीं, एसपी अगम जैन के निर्देश पर एक पेशेवर जुआरी का पिस्टल लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

    22 अक्टूबर को जुआ खेलते पकड़े गए थे 24 लोग
    यह कार्रवाई 22 अक्टूबर 2025 की रात सिविल लाइन थाना पुलिस द्वारा की गई छापेमारी के बाद हुई। पुलिस ने एक स्थान से 24 लोगों को जुआ खेलते हुए रंगे हाथ पकड़ा था। पकड़े गए लोगों में जल संसाधन विभाग के उपयंत्री (पीएचई में प्रतिनियुक्ति पर) ओ.पी. दुबे और शिक्षक कैलाश मिश्रा भी शामिल थे।

    कलेक्टर ने 3 दिन में मांगा जवाब
    इस गंभीर अनुशासनहीनता के मद्देनजर कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने दोनों कर्मचारियों को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्हें तीन दिन के भीतर लिखित जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

    *कलेक्टर बोले- बख्शा नहीं जाएगा*

    कलेक्टर ने चेतावनी दी है कि यदि जवाब असंतोषजनक पाया जाता है, तो मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि “शासन की साख से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।”

    सूत्रों के अनुसार, अजय अग्रवाल पहले भी कई बार जुआ संबंधी मामलों में पकड़ा जा चुका है और उसके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं

  • छतरपुर जिला अस्पताल में डॉ रवि सोनी हड्डी रोग विशेषज्ञ द्वारा दो गरीब मजदूरों के बच्चों का किया गया सफल ऑपरेशन

    छतरपुर जिला अस्पताल में डॉक्टर रवि कुमार सोनी हड्डी रोग विशेषज्ञ जो की छतरपुर के जाने-माने टेढ़े-मेढ़े पैरों के बच्चों के सफल ऑपरेशन करते हैं ,
    उनकी सबसे खास बात यह है कि यह ग्रामीण दूर के तब के एवं निर्धन व गरीब सब लोगों की भी मदद करते हैं, और हमेशा तत्परता से खड़े रहते हैं,

    अभी हाल में ही दो मजदूर के बच्चों का के मुड़े पर का सफल ऑपरेशन करके उन्हें दीपावली का उपहार दिया..

    एक बच्चे का नाम ध्रुव पिता मनोज है जो की टीकमगढ़ जिले के रहने वाले थे उन्होंने छतरपुर जिला अस्पताल में इस तरीके का ऑपरेशन की सुनकर वह वहां से अपना इलाज कराने छतरपुर आए तथा दूसरा बच्चा जिसका नाम सार्थक है पिता का नाम संतोष जो की बसारी का रहने वाला है उसका भी सफल ऑपरेशन किया गया दोनों बच्चों को सकुशल आज डिस्चार्ज कर दिया गया,
    इनमें से एक बच्चा
    उसका भी सफल ऑपरेशन किया गया जो कि हर्निया नामक एक बीमारी से जूझ रहा था ,उसका ऑपरेशन सफल होकर उसकी घरवालों को यकीन नहीं हुआ और उन बच्चों को माता-पिता एवं परिजनों के खुशी का ठिकाना ना रहा,
    और उन्होंने डॉक्टर सोनी एवं समस्त हॉस्पिटल स्टाफ को धन्यवाद कहा,